करवा चौथ व्रत विधि,कथा for Unmarried | Boyfriend

Karva Chauth Vrat Vidhi For Unmarried in Hindi

karva chauth vrat vidhi for unmarried in hindi

कार्तिक मास की कृष्ण पक्ष की चुतर्थी तिथि को करवा चौथ का व्रत किया जाता है। इस बार करवा चौथ का व्रत रविवार 8 अक्टूबर को है।  इस दिन सुहागिन औरतें अपने पति की लम्बी उम्र के लिये और अविवाहित लड़कियां अच्छा पति पाने के लिए यह व्रत रखती हैं। कुछ लड़कियां शादी से पहले अपने बॉयफ्रेंड के लिए भी करवा चौथ का व्रत करती हैं। इस दिन केवल चंद्र देवता ही नहीं बल्कि शिव, पार्वती और गणेश जी की भी पूजा की जाती है इस दिन सभी महिलाएं बिना अन्न और जल के करवा चौथ व्रत रखती हैं।

Karva Chauth Vrat 2017

करवाचौथ का त्यौहार पंजाब, मध्य प्रदेश उत्तर प्रदेश आदि जगहों पर बड़ी धूमधाम से मनाया जाता है।

करवा चौथ में क्या करें और क्या ना करें

व्रत से पहले खूब पानी पिए क्योंकि आप अगले पुरे दिन पानी नहीं पियेंगी  पानी हमारे जीवन का अमृत है। आप चाहे तो निम्बू पानी भी पी सकते हैं निम्बू पानी में विटामिन C पाया जाता है जो अगले दिन भी पानी की कमी महसूस नहीं होने देगा।

व्रत की पहली रत को अच्छा सा खाना लें जिसमें कार्बोहइड्रेट्स हो क्योंकि कार्बोहइड्रेट्स ऊर्जा प्रदान करता हैं। ज्वार, जई, गेहूं बाजरा में कार्बोहइड्रेट्स होने के साथ-साथ फाइबर भी अच्छी मात्रा में होता है। सूर्योदय से पहले जब सरगी खाये तो  संतरा, केला और घर का बना पनीर भी जरूर खाएं। सरगी खाने के बाद 4-5 घंटे तक आपको भूख प्यास नहीं लगेगी। दिन में अपने आपको काम में व्यस्त रखें जिससे आपका भूख की और ध्यान ही नहीं जायेगा।

सरगी के खाने के बाद आप कॉफ़ी ना लें क्योंकि कॉफ़ी में कैफीन होता है जिससे शरीर में तरल पदार्थ की कमी हो जाएगी। करवा चौथ वाले दिन ज्यादा मेहनत वाला काम न करें क्योंकि सारा दिन आपके शरीर को ऊर्जा  के लिए खाना नहीं मिलेगा। करवा चौथ का व्रत खोलते समय ज्यादा भारी भोजन ना लें भारी भोजन आपके पाचन तंत्र को नुकसान ही पहुंचाएगा।

Karva chauth Vrat Vidhi for Unmarried in Hindi

कुछ लड़कियां ये जानने के लिए गूगल में सर्च करती हैं की क्या unmarried भी करवाचौथ का व्रत रख सकती हैं। जी हाँ शादी से पहले भी आप अपने बॉयफ्रेंड या फिर होने वाले पति के लिए उपवास रख सकती हैं। चंद्र पूजा के समय अगर आपका बॉयफ्रेंड या फिर पति नहीं आ सकते तो आप उनकी फोटो देखकर भी व्रत खोल सकती हैं।

 

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करवा चौथ व्रत की कहानी या कथा / karvachauth Vart ki Kahani 

karva chauth ki katha

व्रत के दौरान कथा सुनने की प्रथा प्राचीन काल से चली आ रही है। कथा सुनते समय एक तांबे के लोटे में पानी लें अब हाथ में कुछ दाने गेहूँ के लेकर कथा सुनें। और कथा सुनते समय बीच -बीच में गेहूँ के दानों को लोटे में डालते रहें।

एक नगर में साहूकार रहता था उसके सात लड़के और एक लड़की थी। कार्तिक महीने में जब कृष्ण पक्ष की चतुर्थी आयी तो साहूकार के परिवार की महिलाओ ने भी करवा चौथ का व्रत रखा। जब  रात के समय साहूकार के लड़के भोजन करने बैठे तो उन्होंने साहूकार की बेटी को भी भोजन करने के लिए कहा। ये सुनकर बहन ने अपने भाइयो को कहा कि आज मेरा उपवास है। मैं चाँद के निकलने पर पूजा विधि सम्पन्न करके ही भोजन करुँगी। भाइयो से अपनी बहन का मुर्झाया हुआ चेहरा देखा नहीं गया।

उन्होंने घर से बाहर जाकर अग्नि जला दी उस अग्नि का प्रकाश अपनी बहन को दिखाते हुए कहने लगे कि देखो बहन चाँद निकल आया है। तुम चाँद को अर्ध्य देकर अपनी पूजा करके भोजन ग्रहण कर लो। चाँद निकलने की बात सुनकर बहन ने अपनी भाभियो से कहा कि भाभी चाँद निकल आया है चलो पूजा कर लें। उसकी भाभी अपने पतियों द्वारा की गयी युक्ति को जानती थी। उन्होंने अपनी ननद को भी इस बारे में बताया लेकिन बहन ने भाभियो की बात पर न ध्यान देते हुए पूजा संपन्न कर भोजन ग्रहण कर लिया इस प्रकार उसका व्रत टूट गया और गणेश जी उससे नाराज हो गए।

इसके तुरंत बाद उसका पति बीमार हो गया और घर का सारा धन उसकी बीमारी में खर्च हो गया। जब साहूकार की बेटी को उसके द्वारा किये गलत व्रत का पता चला तो उसे बहोत दुःख हुआ। फिर उसने पुनः पूरी विधि विधान से व्रत का पूजन किया और गणेश जी की आराधना की।

अब उसके किये हुए व्रत से गणेश जी प्रसन्न हो गए। अब गणेश जी ने उसके पति को जीवन दान किया और उसके परिवार को सम्पति प्रदान की। इस प्रकार जो भी श्रद्धा भगति से करवा चौथ व्रत को करता है वह प्रसन्नता पूर्वक अपना जीवन यापन करता है।

दोस्तों आपको karva chauth vrat vidhi for unmarried in Hindi, Karva chauth for boyfriend कैसी लगी मुझे कमेंट करके जरूर बतायें।

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