हार्टफेल के कारण लक्षण और उपचार / Heartfail ke karan lakshan or Upchar

हार्टफेल के कारण लक्षण और उपचार

Heartfail ke karan lakshan or Upchar

Heartfail ke karan lakshan or Upchar. जब दिल अचानक से काम करना बंद कर देता है तो हार्टफेल या ह्रदयावसाद कहलाता है। यदि दिल में अचानक बहुत तेजी से दर्द उठे तो वह हार्टफेल की स्तिथि हो सकती है।

हार्टफेल के निम्नलिखित कारण होते हैं

उच्च रक्तचाप

उच्च रक्तचाप के कारण ह्रदय को शरीर में रक्त के प्रसार के लिए सामान्य से ज्यादा काम करना पड़ता है। ज्यादा काम करने के कारण ह्रदय की मासपेशियां मोटी हो जाती है। इस वजह से ह्रदय की मासपेशियां कमजोर जाती हैं और उनके लिए रक्त पंप करना करना मुश्किल हो जाता है।

कार्डिओमिओपेथी

ह्रदय की धमनियों और रक्त प्रवाह से सम्बंधित समस्याओं संक्रमण, शराब पीने और नशीले पदर्थो का सेवन के कारण ह्रदय खराब हो सकता है।

ह्रदय के वॉल्व में समस्या

आपके ह्रदय की वॉल्व रक्त प्रवाह को उचित दिशा देते हैं। ह्रदय की किसी भी समस्या, कोरेनेरी धमनियों की बीमारी ह्रदय सम्बंधित संक्रमण की वजह से क्षतिग्रस्त वाल्व के कारण आपके ह्रदय को काम करना पड़ता है। अधिक समय तक जब ऐसा चलता रहता है तो ज्यादा काम करने की वजह से आपका ह्रदय कमजोर हो जाता है।

मायोकार्डिटिस

ह्रदय की मासपेशियों में वायरस के कारण होने वाली सूजन जिससे हार्टफेल हो सकती है उसे मायोकार्डिटिस कहते हैं। 

जन्म से ह्रदय रोग

यदि आपको जन्म से ही ह्रदय सम्बंधित कोई समस्या जैसे ह्रदय के कक्ष या ह्रदय के वॉल्व में समस्याए हो तो आपके ह्रदय के स्वस्थ भागों को रक्त पंप करने के लिए अधिक काम करना पड़ता है जिस कारण आपके दिल की विफलता हो सकती है।

ह्रदय की असमान्य धड़कन

Heartfail ke karan lakshan or Upchar. ह्रदय की असमान्य धड़कन की वजह से दिल का दर तेज होना जिस कारण आपके ह्रदय को अधिक काम करना पड़ता है। अधिक समय तक जब ऐसा चलता रहता है तो ज्यादा काम करने की वजह से ह्रदय हो सकता है और दिल की विफलता हो सकती है। अगर दिल का दर कम हो जाये तो आपके ह्रदय को रक्त नहीं मिलेगा और दिल की विफलता का जोखिम  बढ़ जाएगा।

बिमारियों के कारण भी दिल की विफलता

एच्आईवी, हाइपोथाइरोइडिस्म और हेमोक्रोमैटोसिस जैसी बिमारियों के कारण भी दिल की विफलता हो सकती है।

वायरस 

ऐसे वायरस जो ह्रदय की मासपेशियों को प्रभावित करें, ह्रदय सम्बंधित गंभीर संक्रमण, एलर्जिक प्रतिक्रिया, ऐसी दवाइयां या बीमारी जो पूरे शरीर को प्रभावित करें। इन सब के कारण हार्टफेल हो सकता है।

  • हार्टफेल के लक्षण
  • अचानक वजन बढ़ना
  • भूख ना लगना
  • अत्यधिक थकान
  • अनियमित पल्स
  • पेट में सूजन होना
  • सांस लेने में परेशानी
  • गर्दन की नसों का उभड़ना

परहेज

  • सुबह उठकर नंगे पांव घास में घुमना टहलना चाहिए जिससे शरीर में ताजगी आती है और शरीर में रक्तसंचार में सहायता मिलती है।
  • मानसिक तनाव से मुक्त रहना चाहिए।
  • अधिक वजन  उठाना चाहिए।

देसी आयुर्वेदिक नुस्खे

मालिश

सबसे पहले शरीर के समस्त कपड़ों को ढीला कर दें। बायें स्तन के नीचे के स्थान को थपथपायें या फिर ऊपर की और मालिश करें इससे रक्तसंचार जारी रहने में सहायता मिलती है।

लहसुन

हार्टफेल के रोगी को लहसुन का रस 10 से 30 बूंद तुरंत सेवन कराये। इसके बाद सुबह-शाम लहसुन का रस देते रहें।

पटुआ

पटुआ के पतों के 10 मिलीलीटर रस को कालीमिर्च के साथ रोगी को देने तत्काल कराने आराम मिलता है।

पीपल

Heartfail ke karan lakshan or Upchar. पीपल के ताजा विकसित कोमल 15 पते लें, फिर हर पते का ऊपर और नीचे का कुछ हिस्सा काट दें। अब पतों को साफ पानी से धो दें। अब इन पत्तो को लगभग 350 मिलीमीटर पानी में डालकर धीमी आंच पर उबालें। जब एक तिहाई पानी शेष रह जाये तो इसे आंच से उतार दें और ठंडा होने के बाद साफ कपडे की मदद से छान लें। इस पानी की 3 खुराक बना लें और 3-3 घंटे बाद रोगी को देने से दिल के दौरे में आराम मिलेगा। यह दवा भोजन करने के बाद ही लें।

प्याज

सुबह एक प्लेट प्याज के टुकड़े करके उसको टेल या उबाल लें। इस प्याज के रोजाना सेवन करने से व्यक्ति को दिल के दौरे नहीं पड़ते।

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बरियारा

5 से 10 ग्राम बरियारा की जड़ को कस्तूरी और मकरध्वज के साथ देने से रोगी को आराम होगा। बाद में सुबह और शाम देते रहने से लाभ होगा।

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